मुजफ्फरनगर
मुजफ्फरनगर में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की माह सितम्बर-2025 की बैठक Zoom App के माध्यम से संपन्न हुई। बैठक में शहर के भीतर बढ़ती भीड़ और यातायात अव्यवस्था पर गंभीर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से शहर में अवैध रूप से चल रही ई–रिक्शाओं से उत्पन्न हो रही भीड़ की समस्या को रेखांकित करते हुए सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी और ट्रैफिक पुलिस को निर्देशित किया कि ई–रिक्शाओं का निर्धारित रूट तय कर उन्हें उसी मार्ग पर चलाया जाए। साथ ही, अवैध रूप से संचालित हो रही ई–रिक्शाओं को तत्काल प्रभाव से बंद कराने के आदेश भी दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी ई–रिक्शाओं की नियमित रूप से फिटनेस और लाइसेंस की जांच की जाए ताकि सड़क पर चलने वाले वाहन सुरक्षित रूप से यातायात कर सकें।बैठक में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने पर जोर देते हुए शिक्षा विभाग को भी जिम्मेदारी सौंपी गई। जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि वे प्रतिमाह अधिक से अधिक संख्या में सेमिनार और गोष्ठियों का आयोजन करें। इन कार्यक्रमों के माध्यम से आम नागरिकों, खासकर विद्यार्थियों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि इसमें समाज की भागीदारी भी आवश्यक है।बैठक में ब्लैक स्पॉट की स्थिति पर भी गंभीर मंथन किया गया। एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे पहले से चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर कराए गए सुधारात्मक कार्यों की समीक्षा करें। इसके साथ ही, वर्ष 2025 में उत्पन्न नए ब्लैक स्पॉट्स का तुरंत चिन्हांकन कर उनके सुधारीकरण का कार्य शुरू किया जाए ताकि संभावित सड़क दुर्घटनाओं को समय रहते रोका जा सके। जिलाधिकारी ने इस कार्य को तत्काल प्रभाव से पूरा करने पर विशेष बल दिया।शहर के भीतर यातायात बाधित करने वाले अस्थायी अतिक्रमण को भी बैठक में एक बड़ी समस्या के रूप में चिन्हित किया गया। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी को पुलिस विभाग के सहयोग से शहर के अंतर मार्गों पर फैले अस्थायी अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए गए। इससे जहां सड़कों पर सुगम यातायात सुनिश्चित होगा, वहीं भीड़ और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी।बैठक में आगामी गन्ना सीजन के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिला गन्ना अधिकारी को निर्देश दिया गया कि गन्ने से लदे सभी वाहनों की सीजन शुरू होने से पहले फिटनेस जांच सुनिश्चित की जाए और प्रत्येक वाहन के पीछे रिफलेक्टर लगाए जाएं। इससे सड़कों पर रात के समय होने वाली दुर्घटनाओं की संभावना काफी हद तक कम हो सकेगी।इस बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, परिवहन विभाग, पुलिस विभाग और शिक्षा विभाग की सक्रिय भागीदारी रही। बैठक का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाना, सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम करना और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना रहा। जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन का यह प्रयास आने वाले समय में यातायात व्यवस्था को और अधिक सुचारू बनाने में सहायक होगा।

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