जिला ब्यूरो चीफ संदीप दीक्षित
बांदा, 14 अगस्त, 2025- विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के मौके पर विकास भवन में विभाजन विभीषिका से सम्बन्धित चित्र प्रदर्शनी एवं गोष्ठी का अयोजन किया गया। इसके साथ ही इस विषय पर एक फिल्म डाक्यूमेन्ट्री का प्रदर्शन भी उपस्थित जन समूह के मध्य किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्रीमती जे0रीभा ने विभाजन के दौरान विस्थापित हुए परिवारों के लोगों को क्रमशः श्री चंद्र मोहन बेदी, श्री सुलभ सहगल, श्री अरुण नंदा आदि लोगों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इसके पश्चात उन्होंने समस्त अधिकारियों के साथ विस्थापित हुए परिवारों एवं शहीद लोगों के प्रति 2 मिनट का मौन रखा तथा विकास भवन से कलेक्ट्रेट तक विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मौन यात्रा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में विस्थापित परिवारों को नमन करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि देश के विभाजन भारत और पाकिस्तान का विभाजन पूरे संसार का सबसे बड़ा विभाजन था, जिसकी शुरुआत 1905 में बंगाल विभाजन से शुरू हुई। ब्रिटिश शासन की नीति थी कि लोग एकजुट ना रहने पाए। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने आजादी के बाद कई रियासतों को जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया।
मुख्य विकास अधिकारी श्री अजय कुमार पांडे की उपस्थिति में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की बैठक में देश के बटवारे के दर्द को कभी नही भुलाया जा सकता है के सम्बन्ध में अवगत कराया गया। देेश के विभाजन के समय नफरत और हिंसा की वजह से हमारे लाखों बहनों और भाइयों को विस्थापित होना पडा और अपनी जान तक गवानी पडी। देश को आजादी दिलाने में बहुत से लोंगो को अपनी जान गवानी पडी। विभाजन के समय देश में भय एवं त्रासदी का वातावरण था। उन लोंगो के संघर्ष और बलिदान की याद में आज 14 अगस्त को मा0 प्रधानमंत्री जी के आवाह्न पर विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया।
उन्होंने कहा कि हमें भारत की एकता एवं अखण्डता को बनाए रखना है तथा आपसी प्रेम एवं भाईचारे के साथ राष्ट्रीय एकता की भावना को बनाए रखना है। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के आयोजन के द्वारा भारत पाकिस्तान के विभाजन के समय लोंगो की हुई जनहानि तथा त्रासदी के सम्बन्ध में जागरूक करते हुए अपने राष्ट्र के प्रति एकजुटता रखना हैै। कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी श्री पुष्पेंद्र, जिला पंचायतराज अधिकारी, डीसी मनरेगा सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।
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