जिला ब्यूरो चीफ संदीप दीक्षित
उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा विकासखंड कमासिन के ग्राम खरौली में पंचायत सचिवालय महीनों से बंद पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिवालय केवल किसी कार्यक्रम के समय ही प्रधान द्वारा खुलवाया जाता है, जबकि सामान्य दिनों में ताला लटका रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि सचिवालय का कंप्यूटर सहायक कभी नहीं आता। इसके चलते आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र व परिवार रजिस्टर की नकल जैसे बुनियादी कार्यों के लिए उन्हें ब्लॉक मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। मजबूरी में छोटे-मोटे कार्य भी उन्हें प्राइवेट जन सेवा केंद्र से कराने पड़ते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सचिवालय अब शोपीस बनकर रह गया है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारियों ने कोई संज्ञान नहीं लिया। उनका आरोप है कि स्थानीय पंचायत अधिकारी शिकायतों को अनदेखा कर देते हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशों की अनदेखी का हवाला देते हुए कहा कि ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी अनुभवहीन हैं और पंचायत का पूरा दायित्व सचिव के भरोसे है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा—“अंधेर नगरी चौपट राजा वाली कहावत हमारे गांव पर पूरी तरह सटीक बैठती है।
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