जिला ब्यूरो चीफ संदीप दीक्षित
नरैनी/बांदा। कालिंजर के डाक बंगला में लगे हरे पेड़ो को विभागीय अधिकारियों से मिली भगत कर एक ठेकेदार ने काट गिराया है।विभाग के जिम्मेदार अधिकारी पेड़ की कटान से अनभिज्ञता जता रहे हैं। कालिंजर दुर्ग को सरकार से पर्यटन स्थल घोषित कराने के लिए विधायक और स्थानीय लोग लगातार संघर्ष कर रहे हैं।यहा स्थित महलों, मंदिरों के अलावा यहा की वादियों को हरा भरा बनाने के लिए सरकार हर साल करोड़ो रूपये खर्च कर रही हैं लेकिन लोक निर्माण विभाग के कुछ अधिकारी निजी स्वार्थ में पलीता लगाने में जुटे हैं।कालिंजर में स्थित लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले में बड़ी तादाद में कई प्रजाति के पेड़ लगे हैं।कालिंजर आने वाले बड़े अधिकारी और शासन सत्ता में बैठे लोग यही आकर ठहरते हैं। बीते दिनों एक स्थानीय ठेकेदार ने यहा लगे एक दर्जन से अधिक हरे पेड़ो को काट कर गिरा दिया था।ट्रैक्टर ट्राली में भरकर लकड़ी भी ले गया।कथित ठेकेदार ने पूछने पर बताया कि उसने विभाग से नीलामी में 35 पेड़ लिए उसने नीलामी का एक लाख 75 हजार रुपये भी जमा करा दिया है।इस मामले में पीडब्ल्यूडी के एई विनय सिंह ने गैर जुम्मेदारी से बताया कि पेड़ काटे गए हैं तो नीलामी हुयी होगी।उन्हें जानकारी नहीं है पता करेंगे।कहा कि खण्ड स्तर पर नीलामी का कार्य होता है। वहीं आरके सिंह अधिशाषी अभियंता, लोक निर्माण विभाग बाँदा का कहना है कि कुछ पुराने पेड़ यहा बनी बिल्डिंग के ऊपर गिरने की स्थिति में है।इन्हें काटने के लिए वन विभाग को लिखा गया है।नीलामी प्रक्रिया प्रोसेस में है।अभी नीलामी नही हुई है।इस कार्य को एई विनय सिंह देख रहे हैं।
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