सहारनपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजकर जीएसटी के कुछ प्रावधानों में संशोधन की मांग की है। मंडल ने कहा कि 15 अगस्त को प्रधानमंत्री ने लालकिले से संबोधन में जीएसटी दरों में बदलाव का संकेत दिया था, जिसका स्वागत किया जाता है, लेकिन वर्तमान में लागू कई प्रावधानों ने व्यापारियों को बर्बादी की कगार पर ला खड़ा किया है।
ज्ञापन में कहा गया कि धारा-107 के तहत अपील दाखिल करने की समय सीमा में इंडियन लेमिटेशन एक्ट लागू नहीं किया गया है, जिससे व्यापारी को अपील का स्वाभाविक अधिकार नहीं मिल पाता। धारा-50 में देरी से जीएसटी अदा करने पर 18 से 24 प्रतिशत ब्याज वसूलना अत्यधिक है जबकि सरकार स्वयं किसी जमा धन पर इतनी ब्याज दर नहीं देती। धारा-129 और 130 में टैक्स, पेनाल्टी और जुर्माने की तिहरी वसूली को भी व्यापारियों ने अन्यायपूर्ण बताया है।
व्यापार मंडल ने आटा चक्की, उसके पत्थर और पुर्जों पर 18 प्रतिशत की जगह 5 प्रतिशत जीएसटी लागू करने तथा साइकिल व उसके पुर्जों पर टैक्स दर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने की मांग भी उठाई है। मंडल पदाधिकारियों शीतल टंडन, रमेश अरोड़ा, कर्नल संजय मिडढा और राजेश कपूर ने कहा कि मौजूदा प्रावधान भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं और व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की है कि इस संबंध में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर व्यापारियों को राहत प्रदान की जाए।

No comments:
Post a Comment