मुजफ्फरनगर
उन्होंने स्पष्ट किया कि “ऑपरेशन सवेरा” का उद्देश्य केवल नशा कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि युवाओं को स्वस्थ, सुरक्षित और सकारात्मक जीवन पथ पर अग्रसर करना है। इसके लिए पुलिस–प्रशासन और समाज के बीच आपसी तालमेल जरूरी है। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाकर ही इस सामाजिक कुरीति को समाप्त किया जा सकता है।निरीक्षण के समय क्षेत्राधिकारी नई मंडी राजू कुमार साव, थाना प्रभारी नई मंडी दिनेश चंद, नशा मुक्ति केंद्र के संचालक, प्रबंधक और अन्य अधिकारी–कर्मचारी भी मौजूद रहे। पुलिस ने सभी जनपदवासियों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय रूप से भागीदारी करें, नशा करने वालों को प्रेरित कर नशा मुक्ति केंद्र तक पहुंचाएं और नशे की अवैध बिक्री एवं तस्करी की सूचना पुलिस को तत्काल उपलब्ध कराएं।मुजफ्फरनगर पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में वह दृढ़ इच्छाशक्ति और पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्यरत है। अपराध नियंत्रण और नशे की रोकथाम को लेकर चलाया जा रहा यह अभियान केवल पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। यदि जनसहभागिता इस अभियान से जुड़ती है, तो निश्चित ही नशे की कुरीति पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।लगातार हो रहे ऐसे प्रयास यह साबित करते हैं कि पुलिस प्रशासन केवल अपराधियों पर शिकंजा कसने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में व्याप्त बुराइयों को जड़ से मिटाने के लिए भी कार्यरत है। “ऑपरेशन सवेरा” के माध्यम से मुजफ्फरनगर पुलिस एक ऐसा प्रयास कर रही है, जिससे न केवल युवाओं का भविष्य संवर सकेगा, बल्कि समाज भी एक सुरक्षित और सकारात्मक दिशा की ओर बढ़ेगा।
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