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Tuesday, August 26, 2025

भ्रष्टाचार में दोषी ग्राम प्रधान के अधिकार सीज, सचिव के निलंबन के आदेश


 जिला ब्यूरो चीफ संदीप दीक्षित



बांदा। जहां एक ओर प्रदेश की योगी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने और भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाने के दावे करते नहीं थकती, वहीं गांवों के विकास के नाम पर ग्राम प्रधान व सचिव खुलेआम वित्तीय अनियमितताएं करने में जुटे हैं और लाखों रुपए का घपला करके मलाई काट रहे हैं। ऐसा ही एक मामला ग्राम पंचायत बदौसा में सामने आया है, जिसमें ग्राम प्रधान और सचिव ने गांव में हाईमास्ट लाइट लगाने समेत विभिन्न विकास कार्यों में लाखों का गबन किया है। जिलाधिकारी के आदेश पर जिला पंचायतराज अधिकारी ने जांच करते हुए दोनों को दोषी करार दिया। जिस पर डीएम ने ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज करते हुए तीन सदस्यीय समिति बनाने और सचिव के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। मामला विकासखंड नरैनी के बदौसा ग्राम पंचायत का है। जहां प्रधान सरोज देवी और ग्राम पंचायत अधिकारी रितिक रोशन पर लाखों रुपए का घपला करने का आरोप सिद्ध हुआ है। बता दें कि गांव के निवासी बाबूराम सोनकर पुत्र बालकिशुन सोनकर ने शपथ पत्र के माध्यम से डीएम को शिकायती पत्र सौंपकर घपले की जानकारी दी थी। जिस पर जिलाधिकारी जे.रीभा ने जिला पंचायतराज अधिकारी को जांच के लिए आदेशित किया। बीती तीन अप्रैल को स्थलीय जांच के बाद डीपीआरओ ने डीएम को विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंप दी थी। जांच रिपोर्ट में डीपीआरओ ने बताया है कि सचिव रितिक रोशन ने अपनी तैनाती के महज एक सप्ताह में ही करीब 25 लाख 77 हजार 129 रुपए का भुगतान विभिन्न मदों में कर दिया और निविदा या कोटेशन आदि की प्रक्रिया को दरकिनार किया गया। कार्ययोजना में भी भारी घालमेल पाया गया। जांच रिपोर्ट के अनुसार तत्कालीन सचिव कुंवरपाल सिंह के समय कराए गए कार्यों का भुगतान भी सचिव रितिक रोशन ने कर डाला। हाईमास्ट लाइटों की खरीद फरोख्त में भी घपला पाया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी जे.रीभा ने ग्राम प्रधान सरोज देवी को पद का दुरुपयोग करने, कर्तव्यों का सही ढंग से पालन न करने और 20 लाख 68 हजार 986 रुपए की आधी धनराशि 10 लाख 34 हजार 493 रुपए का दुरुपयोग करने की दोषी करार दिया। डीएम ने उप्र पंचायतराज अधिनियम की िविभन्न धाराओं के तहत ग्राम प्रधान सरोज देवी की वित्तीय व प्रशासनिक शक्तियों को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित करने और अंतिम जांच पूरी होने तक ग्राम पंचायत की तीन सदस्यीय समिति का गठन करने के आदेश दे दिए। डीएम ने अंतिम जांच के लिए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी व अधिशाषी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को नामित किया है। साथ ही ग्राम पंचायत अधिकारी रितिक रोशन के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करने की हिदायत डीपीआरओ को दी है।

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