महाराष्ट्र में शिवाजी के किलों को यूनेस्को की लिस्ट में शामिल करने और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को लेकर शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसदों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. सांसदों ने शिवसेना संसदीय दल की ओर से इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए पीएम मोदी का आभार जताया. साथ ही मराठी परंपरा के अनुसार पीएम का सम्मान भी किया.इस दौरान सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिवाजी महाराज की मूर्ति भेंट और पुणेरी पगड़ी पहनाकर उनका सत्कार किया गया. शिवसेना के प्रतिनिधिमंडल में दल के नेता डॉ. श्रीकांत शिंदे, प्रवक्ता एवं सांसद नरेश म्हस्के के साथ सांसद श्रीरंग बारणे, धैर्यशील माने, रविंद्र वायकर, मिलिंद देवड़ा, प्रतापराव जाधव आदि उपस्थित थे.
‘छत्रपति शिवाजी महाराज मेरे आदर्श’
इस मौके पर पीएम मोदी ने शिवसेना के सांसदों से कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज मेरे आदर्श हैं. पीएम ने बताया कि जब उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ा और प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया गया उस समय रायगढ़ जाकर उन्होंने सबसे पहले छत्रपति शिवाजी महाराज के दर्शन किए और उनकी आराधना की और उसके बाद ही प्रधानमंत्री बने.
महाराष्ट्र में शिवाजी के किलों को यूनेस्को की लिस्ट में शामिल
दरअसल पेरिस में हुई विश्व धरोहर समिति के 47वें अधिवेशन में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित 12 किलों को यूनेस्को (भारत) विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है. इस सूची में महाराष्ट्र के साल्हेर, शिवनेरी, लोहगड, खांदेरी, रायगड, राजगड, प्रतापगड, सुवर्णदुर्ग, पन्हाला, विजयदुर्ग, सिंधुदुर्ग और तमिलनाडु के जिंजी किले का समावेश मराठा विरासत को दर्शाता है.
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
ये किले पर्वत शिखरों से लेकर समुद्र तटीय चौकियों तक फैले हुए हैं और मराठों के भौगोलिक विभाजन एवं रक्षा नियोजन का उत्कृष्ट उदाहरण हैं. इस निर्णय से महाराष्ट्र की समृद्ध धरोहर को नई पहचान मिलेगी और युवाओं में इतिहास के प्रति नया उत्साह और गौरव पैदा होगा. इन किलों का संरक्षण होगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और यह शोधकर्ताओं के लिए महत्त्वपूर्ण अध्ययन स्थल बनेंगे. इससे महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी.
No comments:
Post a Comment